राजयोग मैडिटेशन द्वारा पारिवारिक समस्यायों का समाधान – 4 मार्च 2018

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की और से 4 मार्च  2018 को राजयोग मैडिटेशन द्वारा पारिवारिक समस्यायों का समाधान विषय पर एक आध्यात्मिक कार्यक्रम करनाल सेक्टर 7 सेन्टर में रखा गया |

जिसमे आ. राजयोगिनी चक्रधारी दीदी जी (निदेशक, ब्रह्मकुमारिज़ रशिया ) ने कहा सभी की चाहना होती है हमारे परिवार में सुख शांति , कुशल मंगल , आनंद मौज हो पर देखा जाता है आज घर घर में कलह कलेश ,तनाव , अशांति , दुःख किसी न किसी समस्या के कारण रहता ही है | सभी संबंधो में अहम के टकरावो के कारण खीचतान, मतभेद, आपसी समझ की कमी देखने में आती है , कभी धन की, तो कभी बीमारी की एवं बच्चो के सम्बंधित अनेक समस्याएं है |

कई बार अचानक से ऐसी समस्या आ जाती है जिसके बारे में ना सुना होता है | आज परिवार में स्वार्थ बढ़ता जा रहा है जिससे घर परिवार टूट रहे है युवा पीढ़ी के नैतिक मूल्यों में काफी गिरावट आई है |

इन सब समस्याओ का मूल कारण किसी न किसी नैतिक मूल्य या दिव्य गुण का आभाव है | आज सहनशीलता, समायोजन, स्नेह, सम्मान, सहयोग, मधुरता, नम्रता, विश्वास  इत्यादि गुणों की कमी के कारण घर परिवार दुखी है |

माउंट आबू से पधारी ब्रह्माकुमारी डॉ. सविता दीदी मुख्यालय को ओर्डिनाटर महिला प्रभाग ने कहा अध्यात्मिक ज्ञान एवं सहज राजयोग जो ब्रह्मकुमारिज़ में सिखाया जाता है इसके अभ्यास से सहज ही जीवन में गुणों एवं शक्तियों का विकास होने लगता है |जिससे घर परिवार के वातावरण में परिवर्तन आता है | राजयोग के अभ्यास से घर घर को स्वर्ग , गृहस्थ को आश्रम बनाया जा सकता है |

इस मौके पर डॉ सुमन मंजरी जी ( रिटायर्ड आई .जी मधुवन) कार्यक्रम में बतौर मुख्य अथिति के रूप में शिरकत की उन्हीने अपना अनुभव साँझा करते हुए कहा कि में इस संस्था से काफी सालो से जुडी हूँ | और निरंतर राजयोग का अभ्यास करती हूँ जिससे में ना केवल परिवार बल्कि कार्य स्थल में भी निपुणता से हर परिस्थितियों का हल कर पाती हूँ |

इस मौके पर भ्राता नरेन्दर अरोराजी (राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति) बतौर अध्यक्ष कार्यक्रम में शिरकत की |

सुश्री डॉ दमयंती शर्मा जी (योगाचार्य, दिव्य योग अभ्यास मंदिर ) तथा श्रीमती अंजू शर्मा (प्रेसिडेंट, इनर व्हील क्लब मिड टाउन) सम्मानीय अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पधारकर अपने वक्तव्य दिए |

इस मौके पर बेटी बचाओ सशक्त बनाओ विषय पर छोटे बच्चो ने नाटिका प्रस्तुत कर लोगो को जागरूक किया |

राजयोगिनी प्रेम दीदी स्थानीय संचालिका करनाल ने आये हुए मेहमानों का स्वागत किया | इस मौके पर राजयोगी मेहरचंद जी, संगीता बहन संचालिका देवबंद सेन्टर ने भी अपने विचार रखे | इस कार्यक्रम पर हज़ारो लोगो ने पहुचकर कार्यक्रम का लाभ लिया |

Int’l Spiritual Cultural Festival by Russian Artists: CM ML Khattar ji Attends

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ब्रम्हाकुमारीज सेक्टर 7, करनाल द्वारा संस्था की 80वीं वर्षगांठ पर एक अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन , 28 और 29 अक्टूबर को सेक्टर-12 हुडा ग्राउंड, करनाल में किया गया . जिसमें रशिया , बेलारूस , यूक्रेन सहित 6 देशों के 26 कलाकारों ने भाग लिया.
भारतीय संस्कृति को प्रोत्साहन देने तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करने का प्रयास किया गया . अपनी प्रस्तुतियों द्वारा इन कलाकारों ने आध्यात्मिकता, विश्व बंधुत्व, शांति एवं एकता का संदेश दिया.
मुख्या अतिथि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी ने इस आयोजन की बहुत अधिक सराहना की , और भविष्य में हर प्रकार से सहयोग देने की बात कही​.​

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ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन द्वारा ‘कर्मा एंड डेस्टिनी’ पर अध्यात्मिक कार्यक्रम

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सभ्यता और संस्कृति ने प्राचीन काल में विश्व को वातावरण स्वच्छ रखना,सद्भाव और सदाचार जैसे गुणों को अपनाते हुए जीवन जीने का दिया है संदेश  वर्तमान में भी ऐसे संदेशों को अंगीकृत करने की जरूरत : मुख्यमंत्री मनोहर लाल

करनाल 2 अप्रैल, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय  करनाल सेक्टर 7 द्वारा कर्मा एंड डेस्टिनी पर एक अध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमे बतौर मुख्यातिथि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी  ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने प्राचीन काल में विश्व को वातावरण स्वच्छ रखना, तरंगे अच्छी करना, सद्भाव और सदाचार जैसे गुणों को अपनाते हुए जीवन जीने का संदेश दिया है। आज फिर इसी प्रकार का वातावरण बनाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में हम अपने व्यवहार और आचरण की बदौलत सतयुग से कलयुग में प्रवेश कर गए है, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब हम पुन: सतयुग में प्रवेश करेंगे। इसके लिए हमें संतो व ऋषि मुनियों द्वारा बताएं गए मार्ग का अनुसरण करना होगा और ऐसा करने से समाज में अतुलनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा। लोगों की अपराधिक प्रवृति लगभग समाप्त हो जाएगी तथा पुलिस व जेलों के कार्यबोझ में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने व्यवहार में बदलाव लाने की आवश्यकता है। आज हम दो-तीन घंटे आध्यात्मिक प्रवचन सुनने उपरांत अपने पुराने व्यवहार को तुरंत अपना लेते है,जबकि आध्यात्म को बनाये रखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम नवरात्रों में तो सात्विक भोजन ग्रहण करते हुए अपने मन को सात्विक रखने का प्रयास करते है,लेकिन नवरात्रों के बाद अपनी पुरानी प्रवृति में ढल जाते है,यह सही नहीं है। हमें अपने मन को नियंत्रित करते हुए सद्मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज समाज में दो प्रकार के व्यक्ति मिलते है,एक वह जो हमेशा अच्छे मार्ग का अनुसरण करते है और दूसरे वह जो अपराधिक गतिविधियों में भाग लेते है। दुर्भाग्यपूर्ण दूसरी प्रकार के लोगों की पंक्ति लम्बी है, हमें अपनी शक्ति को पहचानते हुए इन लोगों को भी सदाचार के मार्ग पर लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय इस दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है और इस दिशा में आगे बढऩे के लिए हरियाणा सरकार भी अपना हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

इस मौके पर उपस्थित ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन  ने कर्म और भाग्य विषय पर विस्तार से बताते हुए कहा कि हम अपने जीवन में जैसा कर्म करते है, भविष्य में हमें उसी प्रकार फल मिलता है। हम ही अपने भाग्यविधाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य कईं बार अपने भूतकाल में इस प्रकार के अनैतिक व अनुचित कार्य कर बैठता है,जिसका उसे भविष्य में लम्बे समय तक भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य धन कमाने की दौड़ में लगा हुआ है, उसे धन के अलावा अन्य कोई वस्तु नजर नहीं आती। अपनी इस प्रवृति के कारण वह सामने वाले का अहित भी करने को तैयार है। ऐसा धन हमारे सुखों का नहीं अपितू दुखों का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि हमें केवल सात्विक धन ही कमाना चाहिए, इससे हमारा तन भी सात्विक होगा और मन भी मनुष्य श्रेष्ठता की ओर अग्रसर होगा।

 

बीके शिवानी बहन ने प्रवचनों में समाहित संदेश को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मनुष्य अपनी बुराई रूपी काली बॉल को अपने वचनों के माध्यम से दूसरों को भेजता है, लेकिन वह यह नहीं समझता कि यह बुराई रूपी काली बॉल दोबारा फिर उसकी तरफ आने वाली है। सरल शब्दों में इसका मतलब समझाते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य कईं बार किसी दूसरे व्यक्ति का अहित या बुरा करता है। उसे यह समझना चाहिए कि जैसा वह करेगा वैसा ही उसे मिलने वाला है। इसलिए मनुष्य को हमेशा दूसरे को दुआएं ही भेजनी चाहिए व किसी को दुख नहीं देना चाहिए। जिंदगी में लोग धन तो कमाते है लेकिन दुआएं नही कमाते। लेकिन जो आदमी दुआएं कमा लेता है,धन उसके पास स्वत: ही चला आता है। प्रकृति के इस विधान को समझने की जरूरत है।

इस मौके पर घरौंडा के विधायक एवं हैफेड के चेयरमैन हरविन्द्र कल्याण , मेयर रेणूबाला गुप्ता, श्रीमती सुमन मंजरी (I.P.S. I.G. हरियाणा)  एवं नीलोखेड़ी के विधायक बीजेपी के जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए संस्था के कार्यो की सरहना की |

इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी तथा स्टेज पर उपस्थित अन्य अतिथियों ने ज्योति प्रज्जवलित की

करनाल सब जोन की इंचार्ज राजयोगिनी प्रेम दीदी ने कार्यक्रम का कुशल सचालन किया तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया |

ओएसडी अमरेन्द्र सिंह, हरियाणा बाल कल्याण परिषद की मानद सचिव संतोष अत्रेजा, मेयर रेणूबाला गुप्ता,पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री आईडी स्वामी,पूर्व उद्योग मंत्री शशिपाल मेहता, केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा, समाज सेवी पंकज भारती, भाजपा नेता जगमोहन आनंद,  सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग , प्रशासन की ओर से आई जी सुभाष यादव, उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़,पुलिस अधीक्षक जश्रदीप सिंह रंधावा, एडीसी डा०प्रियंका सोनी, एसडीएम योगेश कुमार, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह सहित अन्य अधिकारीगण तथा  शहर के हजारो गणमान्य व्यक्ति  उपस्थित थे।