Geeto Dwara Geeta Gyan By BK Avinas

ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर सात
प्रेस नोट : 25 नवंबर, 2018
करनाल। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर सात की संचालिका बीके प्रेम दीदी के अनुरोध पर महाराष्ट्र से पहुंचे राजयोगी बीके अविनाश भाई ने मधुर गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने एक मिनट के लिए परमधाम की रूहानी यात्रा करवाई। अपने उदाबोधन मेंं उन्होंने कहा कि परमात्मा की शक्तियों को अनुभव करने के लिए देहभान को भूलना होगा। हर आत्मा में शक्तियां समाई हुई हैं। देहभान ही लंका है, जिसमें आत्मा रूपी सीता बंधन में है। अर्थात हमारे विकार ही हमारी अशांति का कारण हैं। एकाग्रता से योग लगता है। अपने आपको आत्मा ही समझो जो इस देह रूपी शरीर को संचालित करती है। आत्मा का धर्म शांति है। जब हम अपनी स्थूल व सूक्षम इंद्रियों पर नियंत्रण कर लेंगे तभी स्वराज्य अधिकारी बनेंगे। जैसा हम सोचेंगे वैसा बन पाएंगे। उन्होंने कहा कि आज कल नकारात्मक विचार व संकल्प 90 प्रतिशत चलते हैँ जोकि 10 गुणा होकर वापस आते हैं। इससे प्रकृति भी प्रभावित होती है। संकल्पों की गति 1 लाख 86 हजार प्रति सेकेंड है। सदैव अच्छा सोचने की आदत डालनी चाहिए। परमात्मा की हर बात में कल्याण है। सबकी विशेषताओं को देखो तो जीवन खुशमय बन जाएगा। भाई मेहरचंद ने कहा कि गीता संगीत परमात्मा का ध्यान लगाने के लिए उत्तम है। प्रितपाल पन्नु, रेनू बाला गुप्ता व ज्वाइंट कमिश्नर एनके रंगा ने अपने शब्दों में कार्यक्रम की सराहना की। प्रेम दीदी ने सबका धन्यवाद किया व अतिथिगणों को स्मृति चिह्न भेंट किए। इस अवसर पर डा. डीडी शर्मा, जेआर कालड़ा, रूपनारायण चांदना, बीके प्रेम, बीके शिखा दीदी, सुमन, शिबिका, मनीशा, सुरेंद्र, जसमेर, रामबिलास व हरिकृष्ण नारंग मौजूद रहे।


Karnal Service News

Janmashtmi Celebration at Brahmakumaris Sector 7 , Karnal

Mamma Day 24 June 2018

Mamma day 24 june (3)

राजयोग मैडिटेशन द्वारा पारिवारिक समस्यायों का समाधान – 4 मार्च 2018

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की और से 4 मार्च  2018 को राजयोग मैडिटेशन द्वारा पारिवारिक समस्यायों का समाधान विषय पर एक आध्यात्मिक कार्यक्रम करनाल सेक्टर 7 सेन्टर में रखा गया |

जिसमे आ. राजयोगिनी चक्रधारी दीदी जी (निदेशक, ब्रह्मकुमारिज़ रशिया ) ने कहा सभी की चाहना होती है हमारे परिवार में सुख शांति , कुशल मंगल , आनंद मौज हो पर देखा जाता है आज घर घर में कलह कलेश ,तनाव , अशांति , दुःख किसी न किसी समस्या के कारण रहता ही है | सभी संबंधो में अहम के टकरावो के कारण खीचतान, मतभेद, आपसी समझ की कमी देखने में आती है , कभी धन की, तो कभी बीमारी की एवं बच्चो के सम्बंधित अनेक समस्याएं है |

कई बार अचानक से ऐसी समस्या आ जाती है जिसके बारे में ना सुना होता है | आज परिवार में स्वार्थ बढ़ता जा रहा है जिससे घर परिवार टूट रहे है युवा पीढ़ी के नैतिक मूल्यों में काफी गिरावट आई है |

इन सब समस्याओ का मूल कारण किसी न किसी नैतिक मूल्य या दिव्य गुण का आभाव है | आज सहनशीलता, समायोजन, स्नेह, सम्मान, सहयोग, मधुरता, नम्रता, विश्वास  इत्यादि गुणों की कमी के कारण घर परिवार दुखी है |

माउंट आबू से पधारी ब्रह्माकुमारी डॉ. सविता दीदी मुख्यालय को ओर्डिनाटर महिला प्रभाग ने कहा अध्यात्मिक ज्ञान एवं सहज राजयोग जो ब्रह्मकुमारिज़ में सिखाया जाता है इसके अभ्यास से सहज ही जीवन में गुणों एवं शक्तियों का विकास होने लगता है |जिससे घर परिवार के वातावरण में परिवर्तन आता है | राजयोग के अभ्यास से घर घर को स्वर्ग , गृहस्थ को आश्रम बनाया जा सकता है |

इस मौके पर डॉ सुमन मंजरी जी ( रिटायर्ड आई .जी मधुवन) कार्यक्रम में बतौर मुख्य अथिति के रूप में शिरकत की उन्हीने अपना अनुभव साँझा करते हुए कहा कि में इस संस्था से काफी सालो से जुडी हूँ | और निरंतर राजयोग का अभ्यास करती हूँ जिससे में ना केवल परिवार बल्कि कार्य स्थल में भी निपुणता से हर परिस्थितियों का हल कर पाती हूँ |

इस मौके पर भ्राता नरेन्दर अरोराजी (राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति) बतौर अध्यक्ष कार्यक्रम में शिरकत की |

सुश्री डॉ दमयंती शर्मा जी (योगाचार्य, दिव्य योग अभ्यास मंदिर ) तथा श्रीमती अंजू शर्मा (प्रेसिडेंट, इनर व्हील क्लब मिड टाउन) सम्मानीय अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पधारकर अपने वक्तव्य दिए |

इस मौके पर बेटी बचाओ सशक्त बनाओ विषय पर छोटे बच्चो ने नाटिका प्रस्तुत कर लोगो को जागरूक किया |

राजयोगिनी प्रेम दीदी स्थानीय संचालिका करनाल ने आये हुए मेहमानों का स्वागत किया | इस मौके पर राजयोगी मेहरचंद जी, संगीता बहन संचालिका देवबंद सेन्टर ने भी अपने विचार रखे | इस कार्यक्रम पर हज़ारो लोगो ने पहुचकर कार्यक्रम का लाभ लिया |